एक बार एक भक्तने शिब जि के बहुत तपस्या किया तब शिबजि प्रसन्न हुए और कहा
माँग बालक कया चाहिए
भक्त बोला मुझे एक गितार दे दिजिए
शिबजि बोले: कुछ बडा माग बेटा इतना बडा तपस्या कि है
भक्त:मुझे गितार हि चहिए
शिबजि (गुस्साए) अबे अगर मेरे पास गितार होता तो मै डमरु बजाकर चलता |