बबलसिहं- मेरी पत्नि रोज शिकायत करति है कि उसके पास घर में पहनने के लिए कपडें नहीं है।
रुपक- तो तुमने उसे कपडें लगवा दिए।
बबलसिहं- नहीं, मैंने घर कि खिडकियों पर कपडें लगवा दिए।